हिंदी नाम: गिलोय सत्व, गुडूची सत्व, अमृता सत्व
संस्कृत नाम: गुडूची सत्त्व, अमृता सत्त्व
अंग्रेज़ी नाम: Guduchi Satva, Giloy Starch, Guduchi Extracted Starch
वानस्पतिक नाम: Tinospora cordifolia (Willd.) Hook.f. & Thomson
कुल (Family): Menispermaceae
गिलोय सत्व (Guduchi Satva) गिलोय (Tinospora cordifolia) के परिपक्व तनों से पारंपरिक विधि द्वारा प्राप्त किया जाने वाला सफेद स्टार्चयुक्त (Starchy) सत्व है। यह गिलोय के तनों को पानी में भिगोकर, मथकर एवं छानकर प्राप्त किया जाता है, जिसके बाद नीचे जमा होने वाले शुद्ध स्टार्च को सुखाकर सत्व तैयार किया जाता है।
आयुर्वेद में गिलोय सत्व को रसायन (Rejuvenative), ज्वरघ्न, पित्तशामक, बल्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के समर्थन हेतु उपयोगी माना गया है। यह सामान्य गिलोय चूर्ण की तुलना में अधिक शुद्ध एवं सुपाच्य रूप माना जाता है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | गुडूची सत्त्व, अमृता सत्त्व |
| हिंदी | गिलोय सत्व |
| अंग्रेज़ी | Guduchi Satva, Giloy Satva |
| मराठी | गुळवेल सत्त्व |
| गुजराती | ગળો સત્વ |
| बंगाली | গুলঞ্চ সত্ত্ব |
| तमिल | சீந்தில் சத்து |
| तेलुगु | తిప్పతీగ సత్వం |
| कन्नड़ | ಅಮೃತಬಳ್ಳಿ ಸತ್ವ |
| मलयालम | ചിറ്റമൃത് സത്ത്വം |
गिलोय सत्व गिलोय की परिपक्व बेल के तने से तैयार किया जाता है।
पारंपरिक निर्माण प्रक्रिया:
गिलोय सत्व में निम्न जैव सक्रिय घटक एवं पोषक तत्व पाए जा सकते हैं—
नोट: गिलोय सत्व मुख्यतः स्टार्च-समृद्ध उत्पाद है, इसलिए इसमें गिलोय के कुछ अन्य सक्रिय घटकों की मात्रा चूर्ण या अर्क की तुलना में कम हो सकती है।
| गुण-धर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | तिक्त, कषाय |
| गुण | लघु, स्निग्ध |
| वीर्य | उष्ण |
| विपाक | मधुर |
| दोष प्रभाव | त्रिदोषशामक (विशेषतः पित्त एवं कफ) |
आयुर्वेद में गिलोय सत्व का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
गिलोय सत्व का उपयोग आयुर्वेद में प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कार्यों के समर्थन हेतु किया जाता है।
पारंपरिक रूप से इसका उपयोग पित्त दोष को संतुलित रखने वाले योगों में किया जाता है।
गिलोय से प्राप्त जैव सक्रिय यौगिक शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
गिलोय सत्व को शरीर की सामान्य शक्ति एवं स्वास्थ्य लाभ (Recovery) के समर्थन हेतु उपयोग किया जाता है।
यह विभिन्न आयुर्वेदिक चूर्ण, वटी एवं रसायन योगों का महत्वपूर्ण घटक है।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
Tinospora cordifolia पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
अधिकांश आधुनिक शोध गिलोय के सम्पूर्ण तने या उसके अर्क पर आधारित हैं। गिलोय सत्व पर विशेष मानव अध्ययनों की संख्या अपेक्षाकृत सीमित है।
गिलोय सत्व, गिलोय के तनों से पारंपरिक विधि द्वारा प्राप्त किया गया सफेद स्टार्चयुक्त अर्क (Starchy Extract) है।
नहीं। गिलोय चूर्ण पूरे सूखे तने का पाउडर होता है, जबकि गिलोय सत्व तने से प्राप्त शुद्ध स्टार्चयुक्त अंश होता है।
आयुर्वेद में इसका उपयोग रसायन, पित्त संतुलन, सामान्य शक्ति एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के समर्थन हेतु किया जाता है।
चिकित्सकीय सलाह एवं अनुशंसित मात्रा के अनुसार ही इसका नियमित उपयोग करना चाहिए।
यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या हर्बल उत्पाद का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।