हिंदी नाम: निशोथ, निशोत, त्रिवृत, तुरपिथ
संस्कृत नाम: त्रिवृत, श्वेत त्रिवृत, श्यामा, निशोथ, त्रिपुटा
अंग्रेज़ी नाम: Turpeth Root, Indian Jalap
वानस्पतिक नाम: Operculina turpethum (L.) Silva Manso
कुल (Family): Convolvulaceae
निशोथ (Operculina turpethum) आयुर्वेद की एक महत्वपूर्ण औषधीय लता है, जिसकी जड़ (Root) का औषधीय उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में इसे विशेष रूप से विरेचक (Purgative), पित्त-कफ शामक, आमहर एवं शोधन (Detoxification) संबंधी औषधियों में महत्वपूर्ण माना गया है।
निशोथ का उल्लेख चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अष्टांग हृदय, भावप्रकाश निघण्टु, धन्वंतरि निघण्टु एवं भैषज्य रत्नावली सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। यह पंचकर्म, विशेषकर विरेचन कर्म में प्रयुक्त प्रमुख औषधियों में से एक है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | त्रिवृत, निशोथ, श्वेत त्रिवृत, श्यामा |
| हिंदी | निशोथ, त्रिवृत |
| अंग्रेज़ी | Turpeth Root, Indian Jalap |
| मराठी | निशोत्तर |
| गुजराती | નિસોતર |
| बंगाली | ত্রিবৃত (Trivrit) |
| तमिल | சிவதை (Sivathai) |
| तेलुगु | తేగడ (Tegada) |
| कन्नड़ | ತ್ರಿವೃತ್ (Trivrit) |
| मलयालम | ത്രിവൃത്ത് (Trivrith) |
निशोथ एक बहुवर्षीय आरोही (Climbing) लता है, जिसकी लंबाई 3–10 मीटर तक हो सकती है। इसकी पत्तियाँ हृदयाकार, फूल सफेद तथा फल गोलाकार होते हैं। औषधीय उपयोग के लिए इसकी मोटी, मांसल एवं सफेद या भूरे रंग की जड़ का उपयोग किया जाता है।
निशोथ की जड़ में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—
| गुणधर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | तिक्त, कटु, मधुर |
| गुण | लघु, स्निग्ध |
| वीर्य | उष्ण |
| विपाक | मधुर |
| दोष प्रभाव | पित्त एवं कफ शामक |
आयुर्वेद में निशोथ का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
निशोथ पंचकर्म में विरेचन कर्म हेतु पारंपरिक रूप से प्रयुक्त प्रमुख औषधियों में से एक है।
आयुर्वेद में इसका उपयोग कुछ पाचन संबंधी पारंपरिक योगों में किया जाता है।
आयुर्वेद के अनुसार निशोथ कफ एवं पित्त दोष के संतुलन में सहायक माना जाता है।
इसमें उपस्थित जैव सक्रिय यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
निशोथ का उपयोग चूर्ण, क्वाथ, अवलेह एवं विभिन्न बहु-हर्बल आयुर्वेदिक उत्पादों में किया जाता है।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
Operculina turpethum पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
नोट: निशोथ एक प्रभावशाली विरेचक औषधि है। इसका उपयोग केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशन में ही करें।
मुख्य रूप से इसकी जड़ (Root) एवं जड़ की छाल का उपयोग किया जाता है।
हाँ। आयुर्वेद में यह विरेचन कर्म के लिए प्रमुख औषधियों में से एक मानी जाती है।
नहीं। यह एक शक्तिशाली विरेचक औषधि है, इसलिए इसका नियमित सेवन केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए।
आयुर्वेद में इसका उपयोग कुछ पारंपरिक पाचन एवं शोधन संबंधी योगों में किया जाता है।
निशोथ (Operculina turpethum) – फायदे, उपयोग, गुण एवं Botanical Name
निशोथ (Operculina turpethum) की संपूर्ण जानकारी, आयुर्वेदिक गुण, सक्रिय घटक, पंचकर्म एवं विरेचन में पारंपरिक उपयोग, मात्रा, सावधानियाँ एवं FAQ।
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यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। विशेष रूप से निशोथ एक प्रभावशाली विरेचक (Purgative) औषधि है, इसलिए इसका उपयोग केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह एवं निगरानी में ही किया जाना चाहिए। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या हर्बल उत्पाद का उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।