हिंदी नाम: बहेड़ा, बिभीतकी, बैहड़ा
संस्कृत नाम: विभीतक, बिभीतकी, अक्ष, कलिद्रुम, कर्षफल
अंग्रेज़ी नाम: Baheda, Beleric Myrobalan, Belliric Myrobalan
वानस्पतिक नाम: Terminalia bellirica (Gaertn.) Roxb.
कुल (Family): Combretaceae
बहेड़ा (Terminalia bellirica) आयुर्वेद की सबसे महत्वपूर्ण औषधीय वनस्पतियों में से एक है। इसका फल (Fruit) मुख्य औषधीय भाग है और यह प्रसिद्ध त्रिफला (हरड़ + बहेड़ा + आंवला) का प्रमुख घटक है। आयुर्वेद में बहेड़ा को कषाय, कफहर, रसायन, कंठ्य (गले के लिए हितकारी), नेत्र्य एवं केश्य (बालों के लिए हितकारी) माना गया है।
इसका उल्लेख चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अष्टांग हृदय, भावप्रकाश निघण्टु, धन्वंतरि निघण्टु एवं भैषज्य रत्नावली सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। आधुनिक हर्बल एवं न्यूट्रास्यूटिकल उद्योग में भी बहेड़ा का व्यापक उपयोग किया जाता है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | विभीतक, बिभीतकी, अक्ष |
| हिंदी | बहेड़ा, बिभीतकी |
| अंग्रेज़ी | Baheda, Beleric Myrobalan |
| मराठी | बेहडा |
| गुजराती | બહેડા |
| बंगाली | বহেরা (Bohera) |
| तमिल | தான்றிக்காய் (Thanrikkai) |
| तेलुगु | తాని (Tani) |
| कन्नड़ | ತಾರೆಕಾಯಿ (Tarekai) |
| मलयालम | താനിക്ക (Thanikka) |
बहेड़ा एक विशाल पर्णपाती वृक्ष है, जिसकी ऊँचाई लगभग 20–40 मीटर तक हो सकती है। इसकी पत्तियाँ बड़ी एवं चौड़ी होती हैं तथा फल गोल, धूसर-भूरे रंग के एवं मखमली सतह वाले होते हैं। औषधीय उपयोग के लिए मुख्यतः परिपक्व सूखे फल प्रयुक्त होते हैं।
बहेड़ा के फल में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—
| गुणधर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | मुख्यतः कषाय (साथ में मधुर, तिक्त एवं कटु उपरस) |
| गुण | लघु, रुक्ष |
| वीर्य | उष्ण |
| विपाक | मधुर |
| दोष प्रभाव | विशेष रूप से कफ-पित्त शामक |
आयुर्वेद में बहेड़ा का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
बहेड़ा त्रिफला का प्रमुख घटक है और आयुर्वेद में पाचन तंत्र के सामान्य स्वास्थ्य के समर्थन हेतु उपयोग किया जाता है।
आयुर्वेद में इसका उपयोग कफ संतुलन एवं श्वसन तंत्र के सामान्य स्वास्थ्य के समर्थन वाले पारंपरिक योगों में किया जाता है।
बहेड़ा पारंपरिक रूप से गले की देखभाल एवं स्वर को बनाए रखने वाले आयुर्वेदिक उत्पादों में उपयोग किया जाता है।
बहेड़ा का उपयोग आंवला एवं हरड़ के साथ हर्बल हेयर ऑयल, हेयर पैक एवं प्राकृतिक हेयर केयर उत्पादों में किया जाता है।
टैनिन, गैलिक अम्ल एवं एलैजिक अम्ल जैसे यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
Terminalia bellirica पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
मुख्य रूप से फल (Fruit) और उसका छिलका (Pericarp) औषधीय उपयोग में लिया जाता है।
हाँ। हरड़, बहेड़ा और आंवला मिलकर त्रिफला बनाते हैं।
हाँ। यह हर्बल हेयर ऑयल, हेयर पैक एवं हेयर केयर उत्पादों में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
इसमें Gallic Acid, Ellagic Acid एवं Tannins प्रमुख जैव सक्रिय घटक हैं।
बहेड़ा (Terminalia bellirica) – फायदे, उपयोग, गुण एवं Botanical Name
बहेड़ा (Terminalia bellirica) की संपूर्ण जानकारी, आयुर्वेदिक गुण, सक्रिय घटक, त्रिफला में उपयोग, पाचन, श्वसन एवं बालों के स्वास्थ्य में पारंपरिक उपयोग, मात्रा, सावधानियाँ एवं FAQ।
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यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि, हर्बल सप्लीमेंट या प्राकृतिक उत्पाद का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।