हिंदी नाम: लाल चन्दन, रक्त चन्दन, रक्ता चंदन
संस्कृत नाम: रक्तचन्दन, रक्तसार, रक्तांग, रक्तचन्दनक
अंग्रेज़ी नाम: Red Sandalwood, Red Sanders, Red Sanders Wood
वानस्पतिक नाम: Pterocarpus santalinus L.f.
कुल (Family): Fabaceae (Leguminosae)
लाल चन्दन (Pterocarpus santalinus) एक बहुमूल्य औषधीय एवं सुगंधित वृक्ष है, जिसकी हृदयकाष्ठ (Heartwood) औषधीय एवं कॉस्मेटिक उपयोगों के लिए अत्यंत प्रसिद्ध है। यह सफेद चन्दन (Santalum album) से भिन्न प्रजाति है और मुख्यतः अपने गहरे लाल रंग की लकड़ी के लिए जाना जाता है।
आयुर्वेद में लाल चन्दन को शीतल, रक्तशोधक, रक्तपित्तहर, पित्तशामक, दाहशामक एवं वर्ण्य (त्वचा के रंग-रूप को निखारने वाला) माना गया है। इसका उल्लेख चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, भावप्रकाश निघण्टु, धन्वंतरि निघण्टु एवं राज निघण्टु सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है।
महत्वपूर्ण: लाल चन्दन (Pterocarpus santalinus) और सफेद चन्दन (Santalum album) अलग-अलग वनस्पतियाँ हैं तथा इनके गुण एवं उपयोग भी भिन्न होते हैं।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | रक्तचन्दन, रक्तसार |
| हिंदी | लाल चन्दन |
| अंग्रेज़ी | Red Sandalwood, Red Sanders |
| मराठी | लाल चंदन |
| गुजराती | લાલ ચંદન |
| बंगाली | রক্তচন্দন (Rakta Chandan) |
| तमिल | செஞ்சந்தனம் (Senchandanam) |
| तेलुगु | ఎర్రచందనం (Erra Chandanam) |
| कन्नड़ | ರಕ್ತ ಚಂದನ (Rakta Chandana) |
| मलयालम | രക്തചന്ദനം (Raktha Chandanam) |
लाल चन्दन एक मध्यम आकार का पर्णपाती वृक्ष है, जिसकी ऊँचाई लगभग 8–15 मीटर तक होती है। इसकी लकड़ी गहरे लाल रंग की, कठोर एवं भारी होती है। वृक्ष की पत्तियाँ संयुक्त होती हैं तथा छोटे पीले फूल गुच्छों में आते हैं।
संरक्षण नोट: लाल चन्दन एक संरक्षित (Protected) एवं उच्च मूल्य का वृक्ष है। इसका व्यापार कई देशों में कानूनी नियमों के अधीन है। केवल वैध एवं प्रमाणित स्रोतों से प्राप्त सामग्री का ही उपयोग करें।
लाल चन्दन में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—
| गुण-धर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | तिक्त, मधुर, कषाय |
| गुण | लघु, रुक्ष |
| वीर्य | शीत |
| विपाक | कटु |
| दोष प्रभाव | पित्त एवं रक्त दोष शामक |
आयुर्वेद में लाल चन्दन का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
लाल चन्दन का उपयोग फेस पैक, उबटन एवं हर्बल स्किनकेयर उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह त्वचा को शीतलता प्रदान करने एवं प्राकृतिक निखार बनाए रखने में सहायक माना जाता है।
आयुर्वेद में इसे शरीर की गर्मी एवं दाह को शांत करने वाले द्रव्य के रूप में वर्णित किया गया है।
इसमें उपस्थित फिनोलिक यौगिक एवं फ्लेवोनॉयड्स कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं।
लाल चन्दन का उपयोग विभिन्न हर्बल साबुन, फेस पैक, क्रीम एवं कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है।
कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में इसके सूजन-रोधी गुणों की संभावना का अध्ययन किया गया है।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
Pterocarpus santalinus पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
नहीं। लाल चन्दन (Pterocarpus santalinus) और सफेद चन्दन (Santalum album) दो अलग-अलग वृक्ष हैं।
मुख्य रूप से इसका हृदयकाष्ठ (Heartwood) औषधीय एवं कॉस्मेटिक उपयोग में लिया जाता है।
हाँ। आयुर्वेद में इसका उपयोग फेस पैक, उबटन एवं अन्य त्वचा देखभाल संबंधी हर्बल उत्पादों में किया जाता है।
आंतरिक उपयोग केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए।
यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या हर्बल उत्पाद का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। साथ ही, लाल चन्दन (Pterocarpus santalinus) एक संरक्षित प्रजाति है, इसलिए केवल कानूनी एवं प्रमाणित स्रोतों से प्राप्त उत्पादों का ही उपयोग करें।