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Jeshthmadh (Mulethi) Powder (Glycyrrhiza glabra)

Code: HP-011

 

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जेष्ठमध / मुलेठी (Licorice)

सामान्य परिचय

हिंदी नाम: मुलेठी, यष्टिमधु, जेष्ठमध
संस्कृत नाम: यष्टिमधु, मधुक, मधुयष्टि, मधुका
अंग्रेज़ी नाम: Licorice, Liquorice, Sweet Root
वानस्पतिक नाम: Glycyrrhiza glabra L.
कुल (Family): Fabaceae (Leguminosae)

मुलेठी (Glycyrrhiza glabra) आयुर्वेद की अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुपयोगी औषधीय वनस्पति है। इसकी जड़ (Root) औषधीय उपयोग का मुख्य भाग है। इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है, इसलिए इसे Sweet Root भी कहा जाता है। आयुर्वेद में मुलेठी को रसायन, कंठ्य (गले के लिए हितकारी), बल्य, वृष्य, व्रणरोपण, शीतल एवं पित्त-वात शामक माना गया है।

मुलेठी का उल्लेख चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अष्टांग हृदय, भावप्रकाश निघण्टु, धन्वंतरि निघण्टु एवं राज निघण्टु सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। आधुनिक हर्बल उद्योग में इसका उपयोग हर्बल सप्लीमेंट, आयुर्वेदिक औषधियों, कॉस्मेटिक्स एवं न्यूट्रास्यूटिकल उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है।

अन्य प्रचलित नाम

भाषा नाम
संस्कृत यष्टिमधु, मधुक, मधुयष्टि
हिंदी मुलेठी, जेष्ठमध
अंग्रेज़ी Licorice, Liquorice, Sweet Root
मराठी ज्येष्ठमध
गुजराती જેઠીમધ
बंगाली যষ্টিমধু (Yashtimadhu)
तमिल அதிமதுரம் (Athimadhuram)
तेलुगु అతిమధురం (Atimadhuram)
कन्नड़ ಜೇಷ್ಠಮಧು (Jeshtamadhu)
मलयालम ഇരട്ടിമധുരം (Irattimadhuram)

पौधे का परिचय

मुलेठी एक बहुवर्षीय शाकीय पौधा है, जिसकी ऊँचाई लगभग 1–1.5 मीटर तक होती है। इसकी जड़ें लंबी, बेलनाकार एवं हल्के भूरे रंग की होती हैं। इन्हीं जड़ों को सुखाकर औषधीय उपयोग के लिए चूर्ण, अर्क एवं अन्य उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

प्रमुख रासायनिक घटक (Active Constituents)

मुलेठी में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—

  • Glycyrrhizin
  • Glycyrrhetinic Acid
  • Liquiritin
  • Glabridin
  • Isoliquiritigenin
  • Flavonoids
  • Saponins
  • Coumarins
  • Polysaccharides

आयुर्वेदिक गुण-धर्म

गुण-धर्म विवरण
रस मधुर
गुण गुरु, स्निग्ध
वीर्य शीत
विपाक मधुर
दोष प्रभाव वात एवं पित्त शामक

पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग

आयुर्वेद में मुलेठी का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—

  • गले एवं स्वर की देखभाल संबंधी आयुर्वेदिक योगों में
  • पाचन तंत्र के समर्थन हेतु
  • श्वसन स्वास्थ्य संबंधी पारंपरिक फॉर्मूलेशन में
  • त्वचा की देखभाल एवं सौंदर्य उत्पादों में
  • रसायन (Rejuvenative) योगों में
  • हर्बल चूर्ण, क्वाथ, कैप्सूल एवं अर्क निर्माण में

संभावित स्वास्थ्य लाभ

1. गले एवं स्वर की देखभाल

मुलेठी का उपयोग आयुर्वेद में गले को आराम देने तथा स्वर की गुणवत्ता बनाए रखने वाले पारंपरिक योगों में किया जाता है।

2. श्वसन स्वास्थ्य का समर्थन

मुलेठी विभिन्न आयुर्वेदिक श्वसन संबंधी फॉर्मूलेशन का प्रमुख घटक है और सामान्य श्वसन स्वास्थ्य के समर्थन हेतु उपयोग की जाती है।

3. पाचन स्वास्थ्य

आयुर्वेद में इसका उपयोग पाचन तंत्र की सामान्य कार्यक्षमता के समर्थन हेतु किया जाता है।

4. त्वचा की देखभाल

मुलेठी का उपयोग फेस पैक, क्रीम, सीरम एवं अन्य हर्बल कॉस्मेटिक उत्पादों में त्वचा की प्राकृतिक चमक बनाए रखने हेतु किया जाता है।

5. एंटीऑक्सीडेंट गुण

मुलेठी में उपस्थित फ्लेवोनॉयड्स एवं अन्य जैव सक्रिय यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में सहायक हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।

आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन

Glycyrrhiza glabra पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—

  • Antioxidant Activity
  • Anti-inflammatory Activity
  • Antimicrobial Activity
  • Hepatoprotective Potential
  • Gastroprotective Potential
  • Skin Brightening Potential
  • Phytochemical Analysis

इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।

सामान्य मात्रा

  • चूर्ण: 2–5 ग्राम प्रतिदिन (चिकित्सकीय सलाह अनुसार)
  • काढ़ा: 30–50 मि.ली.
  • अर्क (Extract): उत्पाद के निर्देशानुसार

सावधानियाँ

  • लंबे समय तक अधिक मात्रा में सेवन से बचें।
  • उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), हृदय रोग या गुर्दे की समस्या वाले व्यक्ति चिकित्सकीय सलाह के बाद ही उपयोग करें।
  • गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान उपयोग से पहले विशेषज्ञ से परामर्श लें।
  • केवल प्रमाणित एवं शुद्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों का उपयोग करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

मुलेठी का कौन-सा भाग औषधीय उपयोग में लिया जाता है?

मुख्य रूप से जड़ (Root) का उपयोग किया जाता है।

क्या मुलेठी गले की देखभाल के लिए उपयोगी है?

हाँ। आयुर्वेद में इसका उपयोग गले एवं स्वर की सामान्य देखभाल के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता है।

क्या मुलेठी त्वचा की देखभाल में उपयोग की जाती है?

हाँ। मुलेठी का उपयोग फेस पैक, क्रीम, सीरम एवं अन्य प्राकृतिक स्किनकेयर उत्पादों में व्यापक रूप से किया जाता है।

क्या मुलेठी का लंबे समय तक सेवन सुरक्षित है?

अधिक मात्रा या लंबे समय तक सेवन से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है, विशेषकर यदि आपको उच्च रक्तचाप या अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ हैं।

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अस्वीकरण (Disclaimer)

यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या हर्बल उत्पाद का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या गुर्दे की समस्या वाले व्यक्तियों को मुलेठी का उपयोग चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

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