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Akarkara Root Whole (Anacyclus pyrethrum) Indian

Code: HR-003

 

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अकरकरा की जड़ (Akarkara Root)

सामान्य परिचय

हिंदी नाम: अकरकरा, अकर्करा
संस्कृत नाम: आकारकरभ, आकारकरा, आकल्लक
अंग्रेज़ी नाम: Akarkara Root, Pellitory Root
भारतीय प्रजाति: Anacyclus pyrethrum (DC.) – आयुर्वेद में प्रचलित (कुछ स्थानों पर भारतीय खेती एवं आयातित स्रोत दोनों उपलब्ध हैं)
वानस्पतिक नाम: Anacyclus pyrethrum (DC.)
कुल (Family): Asteraceae (Compositae)

अकरकरा आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध वाजीकरण (Vajikarana) एवं बल्य (Balya) औषधि है। इसकी जड़ (Root) सबसे अधिक औषधीय रूप से उपयोग की जाती है। आयुर्वेद में इसका उपयोग मुख्यतः तंत्रिका तंत्र (Nervous System), मुख एवं दंत स्वास्थ्य, पाचन शक्ति तथा पुरुष स्वास्थ्य के समर्थन हेतु विभिन्न योगों में किया जाता है। अकरकरा की जड़ चबाने पर जीभ पर हल्की झुनझुनी एवं लार स्राव बढ़ना इसकी प्रमुख पहचान है।

अन्य प्रचलित नाम

भाषा नाम
संस्कृत आकारकरभ, आकारकरा
हिंदी अकरकरा
अंग्रेज़ी Pellitory Root, Akarkara Root
मराठी अक्कलकडा
गुजराती અકરકરો
बंगाली আকরকরা
तमिल அக்கரகரம் (Akkarakaram)
तेलुगु అక్కరకారం (Akkarakaram)
कन्नड़ ಅಕ್ಕರಕರ (Akkarakara)
मलयालम അക്കരകരം (Akkarakaram)

पौधे का परिचय

अकरकरा एक छोटा बहुवर्षीय शाकीय पौधा है, जिसकी ऊँचाई लगभग 20–40 सेमी तक होती है। इसकी जड़ बेलनाकार, भूरे रंग की तथा तीव्र स्वाद वाली होती है। औषधीय उपयोग के लिए परिपक्व जड़ों को सुखाकर चूर्ण, अर्क एवं विभिन्न आयुर्वेदिक योगों में प्रयोग किया जाता है।

उपयोगी भाग (Parts Used)

  • जड़ (मुख्य औषधीय भाग)
  • संपूर्ण पौधा (कुछ पारंपरिक उपयोगों में)

प्रमुख रासायनिक घटक (Active Constituents)

अकरकरा की जड़ में निम्न जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं:

  • Alkylamides (विशेषकर Pellitorine)
  • Anacyclin
  • Inulin
  • Sesamin
  • Pyrethrins (अल्प मात्रा)
  • Essential Oils
  • Tannins
  • Flavonoids
  • Sterols

आयुर्वेदिक गुण-धर्म

गुण-धर्म विवरण
रस कटु, तिक्त
गुण लघु, तीक्ष्ण
वीर्य उष्ण
विपाक कटु
दोष प्रभाव वात एवं कफ शामक

पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोग

आयुर्वेद में अकरकरा की जड़ का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए वर्णित है:

  • तंत्रिका तंत्र के समर्थन में
  • दांत एवं मसूड़ों की देखभाल
  • मुख की स्वच्छता
  • पाचन शक्ति के समर्थन में
  • पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य एवं वाजीकरण योगों में
  • वात-कफ विकारों में
  • स्वर एवं गले की देखभाल हेतु

संभावित स्वास्थ्य लाभ

1. तंत्रिका तंत्र का समर्थन

अकरकरा को आयुर्वेद में तंत्रिका तंत्र को सक्रिय एवं समर्थ बनाने वाली औषधि माना गया है।

2. मुख एवं दंत स्वास्थ्य

इसकी जड़ का उपयोग पारंपरिक रूप से दांतों, मसूड़ों एवं लार स्राव को बढ़ाने वाले योगों में किया जाता है।

3. पाचन शक्ति का समर्थन

यह अग्नि (Digestive Fire) को प्रोत्साहित करने तथा सामान्य पाचन क्रिया के समर्थन में उपयोग की जाती है।

4. पुरुष स्वास्थ्य

आयुर्वेदिक वाजीकरण योगों में अकरकरा का उपयोग पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य एवं सामान्य शारीरिक शक्ति के समर्थन के लिए किया जाता है।

5. एंटीऑक्सीडेंट गुण

इसमें उपस्थित फ्लेवोनॉयड्स एवं अन्य पौध-यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में योगदान दे सकते हैं।

6. सूजन संबंधी प्रक्रियाओं का समर्थन

कुछ प्रयोगशाला अध्ययनों में इसके जैव सक्रिय घटकों में सूजन-रोधी गुणों की संभावना देखी गई है।

महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।

आधुनिक वैज्ञानिक अध्ययन

उपलब्ध शोधों में अकरकरा के निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है:

  • एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि
  • तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव
  • पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य
  • रोगाणुरोधी गुण
  • सूजन-रोधी प्रभाव
  • पाचन स्वास्थ्य

इन संभावित उपयोगों की पुष्टि के लिए अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।

 सामान्य मात्रा

  • चूर्ण: 1–3 ग्राम प्रतिदिन (योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह अनुसार)
  • काढ़ा: 20–40 मि.ली.
  • अर्क: उत्पाद के लेबल या चिकित्सकीय सलाह के अनुसार

सावधानियाँ

  • गर्भावस्था एवं स्तनपान के दौरान उपयोग से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।
  • उष्ण प्रकृति होने के कारण अधिक मात्रा में सेवन से बचें।
  • यदि मुंह में अत्यधिक जलन या एलर्जी हो तो उपयोग बंद कर दें।
  • बच्चों में उपयोग केवल विशेषज्ञ की देखरेख में करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या अकरकरा की जड़ दांतों के लिए उपयोगी है?

हाँ। आयुर्वेद में इसका उपयोग दंत मंजन एवं मसूड़ों के स्वास्थ्य के समर्थन हेतु पारंपरिक रूप से किया जाता है।

अकरकरा की जड़ का स्वाद कैसा होता है?

यह तीखा एवं झुनझुनी पैदा करने वाला होता है, जिससे लार का स्राव बढ़ सकता है।

क्या अकरकरा का उपयोग पुरुष स्वास्थ्य के लिए किया जाता है?

आयुर्वेदिक वाजीकरण योगों में इसका पारंपरिक उपयोग पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य एवं शारीरिक बल के समर्थन के लिए किया जाता है।

क्या अकरकरा का रोज़ सेवन किया जा सकता है?

योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह एवं अनुशंसित मात्रा के अनुसार इसका सेवन किया जा सकता है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों तथा उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी औषधि का औषधीय उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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