हिंदी नाम: खस, उशीर, खस की जड़
संस्कृत नाम: उशीर, सेव्य, जलवास, सुगन्धिमूल
अंग्रेज़ी नाम: Khus Root, Vetiver Root, Vetiver Grass Root
वानस्पतिक नाम: Vetiveria zizanioides (L.) Nash (स्वीकृत वैज्ञानिक नाम: Chrysopogon zizanioides (L.) Roberty)
कुल (Family): Poaceae (Grass Family)
खस (उशीर) एक बहुवर्षीय सुगंधित घास है, जिसकी जड़ (Root) आयुर्वेद, अरोमाथेरेपी, प्राकृतिक सुगंध एवं हर्बल कॉस्मेटिक उद्योग में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसकी जड़ों से प्राप्त Vetiver Essential Oil विश्व के सबसे उत्कृष्ट प्राकृतिक सुगंधित तेलों में से एक है।
आयुर्वेद में उशीर को शीतल, सुगंधित, पित्तशामक, रक्तप्रसादक, दाहशामक, तृष्णानाशक एवं त्वचा हितकारी औषधि माना गया है। इसका उल्लेख चरक संहिता, सुश्रुत संहिता, अष्टांग हृदयम्, भावप्रकाश निघण्टु एवं धन्वंतरि निघण्टु सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | उशीर, सेव्य, सुगन्धिमूल |
| हिंदी | खस, उशीर |
| अंग्रेज़ी | Vetiver, Khus Root |
| मराठी | वाळा |
| गुजराती | વાળો |
| बंगाली | খাস |
| तमिल | வெட்டிவேர் (Vettiver) |
| तेलुगु | వట్టివేరు (Vattiveru) |
| कन्नड़ | ಲಾವಂಚ (Lavancha) |
| मलयालम | രാമച്ചം (Ramacham) |
खस एक घनी, गुच्छेदार एवं सुगंधित घास है जिसकी ऊँचाई लगभग 1–2 मीटर तक होती है। इसकी लंबी, मजबूत एवं रेशेदार जड़ें मिट्टी में गहराई तक जाती हैं। इन्हीं जड़ों में प्राकृतिक सुगंधित तेल पाया जाता है, जिसके कारण खस का उपयोग औषधीय, कॉस्मेटिक एवं इत्र उद्योग में व्यापक रूप से किया जाता है।
खस की जड़ों में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—
| गुण-धर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | तिक्त, मधुर |
| गुण | लघु, रूक्ष |
| वीर्य | शीत |
| विपाक | कटु |
| दोष प्रभाव | पित्त एवं रक्त दोष शामक |
आयुर्वेद में खस की जड़ का उपयोग निम्न उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
खस को आयुर्वेद में शीतल प्रकृति का माना गया है। इसका उपयोग गर्मियों में शीतल पेय, शर्बत एवं हर्बल उत्पादों में पारंपरिक रूप से किया जाता है।
खस पाउडर एवं Vetiver Essential Oil का उपयोग फेस पैक, साबुन, फेस मिस्ट, क्रीम एवं अन्य स्किनकेयर उत्पादों में किया जाता है। यह त्वचा को ताजगी प्रदान करने और उसकी प्राकृतिक देखभाल में सहायक माना जाता है।
खस में पाए जाने वाले फ्लेवोनॉयड्स एवं अन्य प्राकृतिक यौगिक कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में योगदान दे सकते हैं।
Vetiver Essential Oil अपनी गहरी, मिट्टी जैसी एवं लंबे समय तक टिकने वाली सुगंध के कारण अरोमाथेरेपी, मसाज ऑयल एवं डिफ्यूज़र ब्लेंड में लोकप्रिय है।
खस का उपयोग प्राकृतिक इत्र, अगरबत्ती, धूप, रूम फ्रेशनर, हर्बल पोटली एवं सुगंधित जल (Khus Water) बनाने में किया जाता है।
खस की जड़ का उपयोग फेस पैक, बॉडी पाउडर, बॉडी स्क्रब, उबटन, फेस वॉश, साबुन, शैम्पू एवं अन्य प्राकृतिक कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है।
महत्वपूर्ण: उपरोक्त लाभ पारंपरिक आयुर्वेदिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। इन्हें किसी रोग के उपचार, निदान या रोकथाम का दावा नहीं माना जाना चाहिए।
उपलब्ध शोधों में खस पर निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए और अधिक उच्च-गुणवत्ता वाले मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
हाँ। Vetiver ही खस (उशीर) का अंग्रेज़ी नाम है।
मुख्य रूप से इसकी जड़ (Root) का उपयोग किया जाता है।
यह अपनी प्राकृतिक, मिट्टी जैसी सुगंध के कारण अरोमाथेरेपी, परफ्यूम, स्किनकेयर एवं मसाज ऑयल में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है।
हाँ। खस पाउडर एवं Vetiver Oil का उपयोग फेस पैक, साबुन, शैम्पू, फेस मिस्ट, क्रीम एवं अन्य हर्बल कॉस्मेटिक उत्पादों में किया जाता है।
यह जानकारी आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक उपयोगों एवं उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर केवल शैक्षणिक एवं शैक्षिक उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। यह किसी भी रोग के निदान, उपचार, रोकथाम या चिकित्सकीय परामर्श का विकल्प नहीं है। किसी भी आयुर्वेदिक औषधि या हर्बल उत्पाद का उपयोग करने से पहले योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।