हिंदी नाम: धतूरा, काला धतूरा, सफेद धतूरा
संस्कृत नाम: धत्तूर, धूर्त, कनक, उन्मत्त, शिवप्रिय
अंग्रेज़ी नाम: Thorn Apple Seed, Devil's Trumpet Seed, Datura Seed
वानस्पतिक नाम: Datura metel L.
कुल (Family): Solanaceae
धतूरा (Datura metel) एक प्रसिद्ध औषधीय लेकिन अत्यंत विषैली (Highly Toxic) वनस्पति है। आयुर्वेद में इसके बीज (Seeds), पत्तियाँ, पुष्प एवं जड़ का उपयोग केवल शोधन (Purification) के बाद और योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में किया जाता है।
धतूरा को आयुर्वेद में वेदनास्थापक (Analgesic), वात-कफ शामक, शोथहर एवं बाह्य उपयोग में लाभकारी माना गया है। इसका उल्लेख भावप्रकाश निघण्टु, धन्वंतरि निघण्टु, राज निघण्टु तथा भैषज्य रत्नावली सहित अनेक आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है। इसकी विषाक्तता के कारण इसका उपयोग सामान्य घरेलू सेवन के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता।
महत्वपूर्ण चेतावनी: धतूरा के बीजों में शक्तिशाली ट्रोपेन एल्कलॉइड्स पाए जाते हैं। इनका स्वयं सेवन करना गंभीर विषाक्तता, बेहोशी, भ्रम, हृदय गति में परिवर्तन, कोमा अथवा मृत्यु तक का कारण बन सकता है।
| भाषा | नाम |
|---|---|
| संस्कृत | धत्तूर, धूर्त, उन्मत्त |
| हिंदी | धतूरा |
| अंग्रेज़ी | Thorn Apple, Devil's Trumpet |
| मराठी | धोतरा |
| गुजराती | ધતુરો |
| बंगाली | ধুতুরা (Dhutura) |
| तमिल | ஊமத்தை (Oomathai) |
| तेलुगु | ఉమ్మెత్త (Ummetta) |
| कन्नड़ | ಉಮ್ಮತ್ತೆ (Unmatte) |
| मलयालम | ഉമ്മം (Ummam) |
धतूरा एक वार्षिक या बहुवर्षीय झाड़ीदार पौधा है, जिसकी ऊँचाई लगभग 1–2 मीटर तक होती है। इसके बड़े तुरही (Trumpet) आकार के फूल तथा काँटेदार फल होते हैं। फल के भीतर अनेक चपटे, भूरे या काले रंग के बीज पाए जाते हैं, जो औषधीय दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली एवं विषैले होते हैं।
धतूरा के बीजों में निम्न प्रमुख जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं—
नोट: यही एल्कलॉइड्स धतूरा को अत्यधिक विषैला बनाते हैं।
| गुणधर्म | विवरण |
|---|---|
| रस | तिक्त, कटु |
| गुण | लघु, तीक्ष्ण |
| वीर्य | उष्ण |
| विपाक | कटु |
| दोष प्रभाव | वात एवं कफ शामक (शोधन के बाद सीमित उपयोग) |
आयुर्वेद में शोधित धतूरा का उपयोग केवल विशेषज्ञ की देखरेख में निम्न पारंपरिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है—
ध्यान दें: धतूरा का आंतरिक उपयोग केवल प्रशिक्षित आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशन में ही किया जाना चाहिए।
वैज्ञानिक अध्ययनों एवं पारंपरिक आयुर्वेदिक साहित्य में निम्न संभावित गुणों का उल्लेख मिलता है—
कुछ अध्ययनों में धतूरा के सक्रिय यौगिकों का दर्द प्रबंधन में संभावित प्रभाव देखा गया है।
इसमें उपस्थित कुछ जैव सक्रिय यौगिक सूजन-रोधी गुण प्रदर्शित कर सकते हैं।
आयुर्वेद में शोधित धतूरा का उपयोग कुछ बाह्य लेप एवं तेलों में पारंपरिक रूप से किया जाता है।
महत्वपूर्ण: ये संभावित गुण पारंपरिक उपयोग एवं प्रारंभिक वैज्ञानिक अध्ययनों पर आधारित हैं। यह किसी रोग के उपचार का दावा नहीं है।
Datura metel पर उपलब्ध शोधों में निम्न संभावित गुणों का अध्ययन किया गया है—
इन संभावित प्रभावों की पुष्टि के लिए अधिक मानव नैदानिक अध्ययनों की आवश्यकता है।
स्वयं सेवन या घरेलू प्रयोग न करें।
आंतरिक उपयोग की कोई सुरक्षित सामान्य मात्रा नहीं दी जा सकती।
यदि किसी आयुर्वेदिक औषधि में शोधित धतूरा सम्मिलित हो, तो उसका सेवन केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार करें।
नहीं। धतूरा के बीज अत्यंत विषैले होते हैं और उनका स्वयं सेवन करना खतरनाक हो सकता है।
हाँ। लेकिन केवल शोधित (Purified) रूप में तथा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में।
हाँ। कुछ पारंपरिक आयुर्वेदिक तेल एवं लेपों में शोधित धतूरा का बाह्य उपयोग किया जाता है।
नहीं। धतूरा का घरेलू प्रयोग या स्वयं सेवन नहीं करना चाहिए।
धतूरा बीज (Datura metel) – आयुर्वेदिक उपयोग, गुण, सावधानियाँ एवं Botanical Name
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यह जानकारी केवल शैक्षणिक एवं सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। धतूरा (Datura metel) एक अत्यंत विषैली औषधीय वनस्पति है। इसका आंतरिक या बाह्य उपयोग केवल शोधित (Purified) रूप में तथा योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की देखरेख में ही किया जाना चाहिए। स्वयं सेवन या घरेलू प्रयोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न कर सकता है। यदि धतूरा के सेवन के बाद विषाक्तता के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत निकटतम आपातकालीन चिकित्सा केंद्र से संपर्क करें।